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संस्कृत-ज्ञानस्य अनुक्रमणिका

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आरती श्री बालकृष्ण की कीजै

आरती श्री बालकृष्ण की कीजै 

आरती क्या है और कैसे करनी चाहिए? प्रमुख देवी-देवताओ की आरतीया अनुक्रमणिका


आरती श्री बालकृष्ण की कीजै

आरती श्री बालकृष्ण की कीजै | अपनों जनम सुफल करि लीजै |

श्रीयशुदा को परम दुलारौ | बाबा की अखियन को तारो ||
गोपिन के प्राणन को प्यारौ | इन पै प्राण निछावरी कीजै |
आरती बालकृष्ण की कीजै ||


बलदाऊ कौ छोटो भैया | कनुआँ कहि कहि बोलत मैया |
परम मुदित मन लेत वलैया | यह छबि नयननि में भरि लीजै |
आरती बालकृष्ण की कीजै ||

श्री राधावर सुघर कन्हैया | ब्रजजन कौ नवनीत खवैया |
देखत ही मन नयन चुरैया | अपनौ सरबस इनकूं दीजे |
आरती बालकृष्ण की कीजै ||

तोतरि बोलनि मधुर सुहावै | सखन मधुर खेलत सुख पावै |
सोई सुकृति जो इनकूं ध्यावै | अब इनकूं अपनों करि लीजै |
आरती बालकृष्ण की कीजै ||
आरती श्री बालकृष्ण की कीजै | अपनों जनम सुफल करि लीजै |

श्रीयशुदा को परम दुलारौ | बाबा की अखियन को तारो ||
गोपिन के प्राणन को प्यारौ | इन पै प्राण निछावरी कीजै |
आरती बालकृष्ण की कीजै ||


बलदाऊ कौ छोटो भैया | कनुआँ कहि कहि बोलत मैया |
परम मुदित मन लेत वलैया | यह छबि नयननि में भरि लीजै |
आरती बालकृष्ण की कीजै ||

श्री राधावर सुघर कन्हैया | ब्रजजन कौ नवनीत खवैया |
देखत ही मन नयन चुरैया | अपनौ सरबस इनकूं दीजे |
आरती बालकृष्ण की कीजै ||

तोतरि बोलनि मधुर सुहावै | सखन मधुर खेलत सुख पावै |
सोई सुकृति जो इनकूं ध्यावै | अब इनकूं अपनों करि लीजै |
आरती बालकृष्ण की कीजै ||




मम विषये! About the author

ASHISH JOSHI
नाम : संस्कृत ज्ञान समूह(Ashish joshi) स्थान: थरा , बनासकांठा ,गुजरात , भारत | कार्य : अध्ययन , अध्यापन/ यजन , याजन / आदान , प्रदानं । योग्यता : शास्त्री(.B.A) , शिक्षाशास्त्री(B.ED), आचार्य(M. A) , contact on whatsapp : 9662941910

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